White box testing techniques in hindi:-
Basis Path Testing (बेसिस पाथ टेस्टिंग) in hindi:-
basis path testing एक white box टेस्टिंग तकनीक है जिसे 1980 में McCabe ने प्रस्तावित किया था.
इस टेस्टिंग का प्रयोग test cases को डिज़ाइन करने के लिए किया जाता है तथा इसमें test cases को डिज़ाइन करने के लिए प्रोग्राम के flow या logical path का प्रयोग किया जाता है.
यह टेस्टिंग सुनिश्चित करती है कि प्रोग्राम के सभी flow या logical path कम से कम एक बार execute कर लिए गये है. (इसके लिए यह McCabe के cyclomatic complexity का प्रयोग करता है.)
basis path testing में निम्नलिखित पद होते है:-
1:- सबसे पहले प्रोग्राम के विभिन्न path को निर्धारित करने के लिए control flow graph को बनाया जाता है.
2:- (idependent paths को निर्धारित करने के लिए) cyclomatic complexity कैलकुलेट की जाती है.
3:- paths के एक basis समूह को ढूंढा जाता है.
4:- अंत में प्रत्येक path के लिए test cases को जनरेट किया जाता है.
basis path टेस्टिंग हमें प्रोग्राम के कोड में उपस्थित सभी त्रुटियों को निर्धारित करने में सहायक है.
Summary (सारांश)
बेसिस पाथ टेस्टिंग एक बेहद महत्वपूर्ण White Box Testing तकनीक है, जिसका इस्तेमाल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में Test Cases डिजाइन करने के लिए किया जाता है। इस बेहतरीन तकनीक को सबसे पहले McCabe द्वारा 1980 में पेश किया गया था। इसकी मदद से डेवलपर्स और टेस्टर्स प्रोग्राम के हर एक लॉजिकल पाथ को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद छात्र निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों को आसानी से समझ जाएंगे:
- Basis Path Testing का पूरा कॉन्सेप्ट आसान हिंदी में।
- Control Flow Graph बनाने का सही तरीका।
- Cyclomatic Complexity को कैलकुलेट करने की प्रक्रिया।
- सॉफ्टवेयर कोड में छुपे हुए बग्स और एरर्स को ढूंढने के आसान स्टेप्स।
nice
thanks for the liking it pawan
Thanks Sir
Please ..
Add more about software testing..
..
Thankyou