DBMS में Entities के बीच संबंध (Relationship) बहुत महत्वपूर्ण होता है। Relationship यह बताता है कि एक entity दूसरी entity से कैसे जुड़ी हुई है।
आसान शब्दों में “Entities के बीच का connection ही Relationship कहलाता है।”
Entities के बीच मुख्य रूप से तीन प्रकार की relationships होती हैं:-
1:- One-to-One (1:1) Relationship

यह relationship तब होती है जब Entity A का एक instance, Entity B के एक instance से जुड़ा होता है। मतलब: एक के साथ सिर्फ एक ही जुड़ा होता है।
उदाहरण (Example)
किसी office में:
- हर Employee का एक ही Office होता है
- और हर Office में एक ही Employee बैठता है
2. One-to-many (1:N) Relationship
यह Relationship तब होती है जब entity A का एक instance, entity B के बहुत सारें instance के साथ जुड़ा होता है।
उदाहरण (Example)
- एक Department में कई Employees काम कर सकते हैं
- लेकिन एक Employee एक ही Department में काम करता है

3:- Many-to-many (M:N) Relationship
Relationship तब होती है जब entity A के बहुत सारें instance, Entity B के बहुत सारें instance के साथ associated होता है।
उदाहरण के लिए:- बहुत सारें employees, बहुत सारें projects में कार्य कर सकते है।

4:- Many-to-One (N:1) Relationship
यह ‘One-to-Many’ का उल्टा है। इसमें Entity ‘A’ के कई Records, Entity ‘B’ के केवल एक Record से जुड़े होते हैं।
उदाहरण: बहुत सारे छात्र (Students) एक ही कॉलेज (College) में पढ़ते हैं। यहाँ बहुत सारे छात्रों का संबंध एक ही कॉलेज से है।
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