PoE का पूरा नाम “Power over Ethernet (पावर ओवर ईथरनेट)” होता है। यह एक तकनीक है जिसका इस्तेमाल ईथरनेट केबल के जरिये नेटवर्किंग डिवाइसों को बिजली सप्लाई करने के लिए किया जाता है।
PoE में हम एक ही ethernet cable के द्वारा नेटवर्क डिवाइस को बिजली भी सप्लाई कर सकते हैं और data भी ट्रांसफर कर सकते हैं।
आमतौर पर, नेटवर्क डिवाइस को काम करने के लिए एक अलग power cable की आवश्यकता होती है। लेकिन PoE के साथ, हमें एक ही केबल के माध्यम से डेटा और बिजली दोनों मिल जाते हैं।
PoE का इस्तेमाल IP कैमरा, वायरलेस एक्सेस पॉइंट, और VoIP फोन में बिजली सप्लाई के लिए किया जाता है।

Types of PoE in Hindi – PoE के प्रकार
इसके 3 मुख्य प्रकार होते हैं:-
- IEEE 802.3af (PoE):- यह 15.4 वाट तक की पावर सप्लाई प्रदान करता है।
- IEEE 802.3at (PoE+):- इसे ‘PoE Plus’ भी कहा जाता है और यह 25.5 वाट तक की पावर सप्लाई प्रदान करता है।
- IEEE 802.3bt (PoE++/4PPoE): यह एक नया स्टैन्डर्ड है जो 60 वाट और 100 वाट तक की पावर सप्लाई प्रदान करता है।
PoE के फायदे – Advantages of PoE in Hindi
- इसके माध्यम से केवल एक केबल के द्वारा डेटा और पावर दोनों ही सप्लाई किए जा सकते हैं।
- इस तकनीक के द्वारा हम उन जगहों पर भी नेटवर्क डिवाइस install कर सकते हैं जहां बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
- इसमें हमें अलग से पावर केबल की आवश्यकता नहीं होती, जिससे हमें बहुत कम पैसे खर्च करने पड़ते हैं।
- इसमें ओवरलोड या शॉर्ट सर्किट की संभावना कम होती है। जिससे यह सुरक्षित तकनीक बन जाती है।
- इसके साथ हम आसानी से अपने नेटवर्क डिवाइस को जोड़ और हटा सकते हैं।
Power over Ethernet (PoE) के नुकसान
- बहुत सारीं डिवाइस एक PoE connection से जुड़ी रहती है। इसमें यदि कोई एक डिवाइस fail हो जाती है तो पूरा नेटवर्क ही fail हो जाता है।
- PoE की power सीमित होती है। उच्च पावर की ज़रूरत वाली डिवाइस के लिए यह कम हो सकता है।
- जब एक ही केबल पर पावर और डेटा ट्रांसफर होता है, तो केबल पर अधिक हीटिंग हो सकती है। यह हीटिंग केबल की लाइफ को प्रभावित कर सकती है।
- इसमें इस्तेमाल की जाने वाली नेटवर्क केबल की लंबाई 100 मीटर (328 फीट) तक ही होती है।
- PoE switch की कीमत सामान्य switch से अधिक होती है।
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Summary (सारांश)
PoE यानी Power over Ethernet एक ऐसी तकनीक है जो ईथरनेट केबल के ज़रिए नेटवर्क डिवाइसों को डेटा के साथ-साथ बिजली भी सप्लाई करती है। इस लेख में आपको PoE के तीन मुख्य प्रकारों के बारे में विस्तार से जानकारी मिलेगी: IEEE 802.3af (15.4 वाट), IEEE 802.3at PoE+ (25.5 वाट), और IEEE 802.3bt PoE++ (60-100 वाट)। इस आर्टिकल से छात्र क्या सीखेंगे:
- PoE की पूरी परिभाषा और यह कैसे काम करता है।
- तीनों मुख्य PoE स्टैंडर्ड के बीच का अंतर और उनकी पावर क्षमता।
- बिना अलग power cable के IP कैमरा, VoIP फोन, Wireless Access Point को कैसे जोड़ा जा सकता है।
- PoE के फायदे जैसे कम खर्च, आसान इंस्टॉलेशन और सुरक्षा।
- इसके नुकसान भी, जैसे एक ही connection पर कई डिवाइसों की निर्भरता।
- Network technology से जुड़े theoretical और practical questions को हल करने में सहायक।
- IEEE standards (802.3af/at/bt) पर आधार