हेल्लो दोस्तों! आज हम इस आर्टिकल में Illumination model in Hindi (प्रकाश मॉडल क्या है?) के बारें में पढेंगे. इसे आप पूरा पढ़िए, यह आपको बहुत ही आसानी से समझ में आ जाएगा. तो चलिए शुरू करते हैं.
Illumination model in Hindi
Illumination Model को lighting model, और shading model भी कहते हैं. इसका प्रयोग light की intensity (तीव्रता) को calculate करने के लिए किया जाता है. यह light एक surface (सतह) पर दिए गये point (बिंदु) पर reflect होती है.
यहाँ पर तीन factors होते हैं जिस पर lighting effect निर्भर करता है:-
1:- Light Source –
Light source जो है वह light emitting source (प्रकाश उत्सर्जक स्रोत) होता है. Light source तीन प्रकार के होते हैं:-
- Point Sources – वह source (स्रोत) जो सभी दिशाओं में किरणों का उत्सर्जन करता है. (जैसे – कमरे में एक bulb)
- Parallel Sources – इसे एक point source के रूप में माना जा सकता है जो surface (सतह) से बहुत दूर होता है. (जैसे कि – सूर्य)
- Distributed Sources – वे किरणें जो एक परिमित क्षेत्र (finite area) से निकलती हैं. (जैसे – एक tubelight)
Lighting effect को इनकी स्थिति (position), विद्युत चुम्बकीय स्पेक्ट्रम (electromagnetic spectrum) और आकार (shape) निर्धारित करते हैं।
2:- Surface –
जब प्रकाश सतह (surface) पर गिरता है तो उसका एक भाग परावर्तित (reflect) हो जाता है और उसका कुछ भाग अवशोषित (absorb) हो जाता है। Surface का structure प्रकाश के परावर्तन (reflection) और अवशोषण (absorption) की मात्रा को तय करता है।
Surface का position और उसके आस-पास के surfaces की position (स्थिति) भी lighting effect को निर्धारित करती है.
3:- Observer –
Observer (पर्यवेक्षक) की position और सेंसर स्पेक्ट्रम संवेदनशीलता (sensor spectrum sensitivities) भी lighting effect को प्रभावित करती है।

Ambient Illumination –
Ambient Illumination वह होता है जहाँ light का source (स्रोत) indirect होता है. यह एक ऐसा illumination होता है जिसमें light source सीधे नहीं आता है.
Surface पर किसी भी बिंदु की परावर्तित तीव्रता (reflected intensity) निम्नलिखित है:-

जहाँ, Ia = ambient light की तीव्रता है,
Ka= object द्वारा परावर्तित प्रकाश का प्रतिशत (%).
Diffuse Reflection –
Diffuse reflection उस surface (सतह) पर होता है जो सतह rough (खुरदुरी) होती है. इस reflection में एक point की brightness (चमक) प्रकाश स्रोत (light source) और सतह (surface) द्वारा बनाए गए कोण (angle) पर निर्भर करती है।
Surface पर एक point की reflected intensity निम्नलिखित है:-

Specular reflection –
जब प्रकाश किसी चमकदार या चमकदार सतह पर गिरता है तो इसका अधिकांश भाग परावर्तित (reflect) हो जाता है, इस तरह के reflection को specular reflection के रूप में जाना जाता है।
Phong model जो है वह specular reflection के लिए एक बहुत ही बढ़िया model है. इसमें reflected intensity का सूत्र (formula) निम्नलिखित है:-

References:- https://www.geeksforgeeks.org/basic-illumination-models/
Summary (सारांश)
Computer Graphics में Illumination model एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, जिसे shading या lighting model भी कहा जाता है। इसकी मदद से किसी 3D surface के किसी खास point पर प्रकाश की तीव्रता (intensity) की गणना की जाती है। इस आसान हिंदी लेख में आप सीखेंगे कि कंप्यूटर स्क्रीन पर वस्तुओं को वास्तविक (realistic) और आकर्षक कैसे दिखाया जाता है।
इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद छात्रों को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं की स्पष्ट जानकारी मिलेगी:
- Illumination model की मूल परिभाषा और इसका कंप्यूटर ग्राफिक्स में उपयोग।
- Light source के विभिन्न प्रकार जैसे Point Sources, Parallel Sources और Distributed Sources।
- Surface के गुण और प्रकाश के परावर्तन (reflection) तथा अवशोषण (absorption) की प्रक्रिया।
- Observer की स्थिति और उसकी भूमिका का लाइटिंग इफेक्ट पर प्रभाव।
यह लेख विशेष रूप से कंप्यूटर साइंस और बीसीए/एमसीए के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। यदि आपके कॉलेज या यूनिवर्सिटी के Computer Graphics एग्जाम में लाइटिंग और शेडिंग मॉडल से जुड़ा कोई सवाल आता है, तो यह आसान नोट्स आपको परीक्षा में बेहतरीन अंक प्राप्त करने में पूरी तरह मदद करेंगे।
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bhai gourand shading ,phong shading and polygon shading model bhi samjha dijiye