Shannon Fano Algorithm in Hindi & Example

Hello दोस्तों! आज मैं आपको इस पोस्ट में Shannon Fano Algorithm in Hindi (शैनन फ़ानो अल्गोरिथ्म क्या है?) के बारें में बताऊंगा और इसके example को भी देखेंगे तो चलिए शुरू करते हैं:-

Shannon Fano Algorithm in Hindi

Shannon Fano Algorithm जो है वह lossless data compression के लिए एक entropy encoding तकनीक है. इसे Shannon Fano Coding भी कहते हैं. इस algorithm को Claude Shannon और Robert Fano ने विकसित किया था.

इसमें occurrence (घटना) के होने की संभावनाओं के आधार पर प्रत्येक symbol को एक code प्रदान किया जाता है। यह एक वैरिएबल लेंथ एन्कोडिंग स्कीम है, अर्थात् symbols को दिए गए code अलग-अलग लंबाई (length) के होंगे।

Algorithm के Steps

इस अल्गोरिथ्म के steps निम्नलिखित हैं:-

  1. दिए गये symbols की list के लिए, संभावनाओं या frequency counts की list को विकसित किया जाता है जिससे कि प्रत्येक occurrence (घटना) की frequency को पता किया जा सके.
  2. frequency के आधार पर symbols की लिस्ट को sort किया जाता है. इसमें वे symbols जो सबसे ज्यादा बार घटित होते है उन्हें left में रखा जाता है और वे symbols जो कम बार घटित होते है उन्हें right में रखा जाता है.
  3. list को दो भागों (parts) में विभाजित किया जाता है.
  4. लिस्ट के left भाग को binary संख्या 0 प्रदान किया जाता है और right भाग को 1 प्रदान किया जाता है. इसका अर्थ है कि पहले भाग में symbols के लिए कोड 0 से शुरू होंगे, और दूसरे भाग में स्थित codes 1 से start होंगे.
  5. step 3 और 4 को प्रत्येक part के लिए repeat किया जाता है, जब तक कि सभी symbols, subgroups में विभाजित ना हो जाए.

Shannon codes को accurate (सही) माना जाता है यदि प्रत्येक प्रत्येक symbol का कोड unique हो.

Shannon Fano Algorithm Example –

Symbol:- A B C D E

Count:-

A 15
B 7
C 6
D 6
E 5

SHANNON FANO ALGORITHM IN HINDI EXAMPLE
image

Symbol:- A B C D E

Code:-

A 00
B 01
C 10
D 110
E 111

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Summary (सारांश)

Shannon Fano Algorithm in Hindi डेटा कम्प्रेशन की एक बहुत ही महत्वपूर्ण तकनीक है जिसका उपयोग डेटा को बिना किसी नुकसान के छोटा करने के लिए किया जाता है। यह आर्टिकल छात्रों को इस तकनीक को बहुत ही सरल भाषा में समझाने के लिए तैयार किया गया है। इस लेख और PDF को पढ़ने के बाद आप डेटा कम्प्रेशन की इस प्रक्रिया को आसानी से समझ जाएंगे। यहाँ आपको इस विषय से जुड़ी सभी ज़रूरी बातें बहुत ही आसान तरीके से सीखने को मिलेंगी:

  • शैनन फ़ानो कोडिंग का पूरा परिचय और इसका इतिहास।
  • डेटा कम्प्रेशन में इस तकनीक का उपयोग कैसे होता है।
  • अल्गोरिथ्म के सभी स्टेप्स को क्रमबद्ध तरीके से समझना।
  • एक आसान Example की मदद से कोड जनरेट करना सीखना।
कंप्यूटर साइंस के छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी Exam preparation के लिहाज से यह टॉपिक बहुत स्कोरिंग होता है। परीक्षा में अक्सर इस अल्गोरिथ्म के स्टेप्स और उस पर आधारित न्यूमेरिकल पूछे जाते हैं। इस लेख में दिए गए उदाहरण की मदद से आप परीक्षा में किसी भी सवाल को आसानी से हल कर पाएंगे और अच्छे अंक प्राप्त कर सकेंगे।

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