digital data को display करने के लिए विभिन्न devices का प्रयोग किया जाता है. digital display में ज्यादातर LED (light emitting diodes) तथा LCD (liquid crystal display) का प्रयोग किया जाता है. आइये इनके बारें में विस्तार पूर्वक पढ़ते है:-
LED (light emitting diode) in hindi
LED (एलईडी) का पूरा नाम प्रकाश उत्सर्जक डायोड है.
LED एक ऐसा diode (डायोड) है जो forward bias होने पर प्रकाश उत्सर्जित करता है. यह क्रिया diode में जंक्शन के समीप मुक्त इलेक्ट्रान एवं holes के पुनः संयोजन (recombination) के कारण होती है.
जब मुक्त इलेक्ट्रान उच्च उर्जा स्तर (higher energy level) से निम्न उर्जा स्तर (lower energy level) में आते है तब वे अपनी energy को प्रकाश तथा ऊष्मा के रूप में उत्सर्जित करते है.
led का परिपथ symbol

एलईडी से उत्सर्जित प्रकाश का रंग उनमें प्रयुक्त पदार्थ पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए – गैलियम, आर्सेनिक, एवं फास्फोरस को प्रयोग कर ऐसे LED बनाये जाते है जिनसे लाल, हरा, पीला, नीला, नारंगी, या infrared (अदृश्य) प्रकाश उत्सर्जित होता है.
एलईडी का प्रयोग digital display devices (जैसे:- segmental या dot matrix आदि) में numeric (अंकों) तथा alpha-numeric (अक्षरों) को डिस्प्ले करने में किया जाता है.

उपर चित्र में LED को एक परिपथ (circuit) में संयोजित किया गया है इस परिपथ में एलईडी एक transistor के परिपथ में प्रतिरोध R के श्रेणीक्रम में संयोजित किया गया है.
जब transistor सेचुरेशन में होता है तब LED में अत्यधिक धारा (current) प्रवाह होती है तथा यह प्रकाश उत्पन्न करता है. transistor की बेस धारा IB के नियन्त्रण द्वारा transistor को cut off में लाकर LED को ON/OFF किया जा सकता है. आवश्यकतानुसार प्रतिरोध R द्वारा एलईडी में प्रवाहित होने वाली धारा नियंत्रित की जा सकती है जिससे एलईडी द्वारा उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता नियंत्रित होती है.
advantage of LED in hindi
LED को display unit में प्रयोग करने के कारण निम्नलिखित है:-
1) एलईडी का आकर छोटा होने के कारण अनेक संख्या में LEDs को व्यवस्थित कर किसी भी प्रकार की डिस्प्ले यूनिट बनाई जा सकती है.
2) इससे उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता इसमें प्रवाहित होने वाली धारा (current) पर निर्भर करती है अतः उत्सर्जित प्रकाश की तीव्रता को धारा परिवर्तित कर नियंत्रित किया जा सकता है.
3) इसकी operation वोल्टेज बहुत कम (1.2 V) है.
4) ये संरचना में बहुत ही मजबूत होते है तथा यह यांत्रिक दाब (जैसे:- shocks, vibrations) सहने में सक्षम हैं. और ये उच्च तापमान पर भी कार्य कर लेती है.
इसकी एक कमी यह है कि – LCD की तुलना में LED में अधिक शक्ति (power) लगती है.
liquid crystal display (LCD) in hindi
LCD का पूरा नाम द्रव क्रिस्टल डिस्प्ले है.
LCD का प्रयोग अधिकतर calculators तथा डिजिटल घड़ियों को बनाने में किया जाता है क्योंकि यह प्राय इन्ही format में उपलब्ध है. LCD का मुख्य लाभ यह है कि ये तीव्र प्रकाश (bright light) में बहुत अधिक चमकते है जबकि LED को प्रकाश में देखना मुश्किल होता है.
परन्तु LCD का परिपथों (circuits) में प्रयोग एक कठिन कार्य है क्योंकि इन्हें प्रचालन (operation) के लिए DC के स्थान पर AC वोल्टेज की आवश्यकता होती है. जिसकी आव्रत्ति 30 तथा 1000 Hz के मध्य होती है.
LCD का प्रयोग भी LED की भांति डिस्प्ले यूनिट (segmental, dot-matrix आदि) में digit अथवा अक्षरों को डिस्प्ले करने के लिए किया जाता है.
advantage of LCD in hindi (एलसीडी के लाभ)
इसके लाभ निम्नलिखित है:-
1) इनमें power (शक्ति) बहुत ही कम खर्च होती है. 7 सेगमेंट LCD डिस्प्ले में 140 uW per digit शक्ति खर्च होती है.
2) एलईडी की तुलना में इनका मूल्य (price) बहुत ही कम होता है.
disadvantage of LCD in hindi (एलसीडी की हानियाँ)
1) LCD का turn on तथा turn off समय अधिक होता है. अर्थात् इसमें कार्य बहुत धीमी गति से होता है.
2) DC सप्लाई पर इन्हें प्रयोग करने पर ये बहुत ही जल्द ख़राब हो जाते है इसलिए इन्हें AC supply पर ही प्रयोग किया जाता है.
Summary (सारांश)
आज के डिजिटल युग में डिजिटल डेटा को स्क्रीन पर दिखाने के लिए कई तरह की Display technologies का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें LED और LCD सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। इस आर्टिकल में आप इन दोनों डिस्प्ले तकनीकों के बारे में आसान भाषा में सीखेंगे। इस लेख को पढ़ने के बाद छात्रों को निम्नलिखित मुख्य जानकारियां मिलेंगी:
- LED (Light Emitting Diode) का पूरा नाम, उसकी कार्यप्रणाली और सर्किट में उसका उपयोग कैसे होता है।
- इलेक्ट्रॉन्स के रीकॉम्बिनेशन के जरिए प्रकाश और ऊष्मा उत्पन्न होने की प्रक्रिया।
- विभिन्न रंगों के प्रकाश को उत्सर्जित करने वाले सेमीकंडक्टर Materials जैसे गैलियम, आर्सेनिक और फॉस्फोरस की भूमिका।
- ट्रांजिस्टर और रेजिस्टेंस की मदद से LED को ON/OFF करने और उसकी चमक (Intensity) को नियंत्रित करने का तरीका।
- Digital Display devices में Numeric और Alpha-numeric डेटा दिखाने की तकनीक।
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