Cluster analysis(clustering) in hindi(क्लस्टरिंग):-
Cluster Analysis को clustering भी कहते है। Clustering एक डेटा analysis टूल है जिसमें डेटा तथा ऑब्जेक्ट्स को इस प्रकार अलग-अलग समूहों(clusters) में divide किया जाता है कि जो समान गुणों वाले ऑब्जेक्ट्स होते है उन्हें एक समूह(cluster) में रखा जाता है और भिन्न गुणों वाले ऑब्जेक्ट्स को दूसरे cluster में रखा जाता है। प्रत्येक cluster के ऑब्जेक्ट्स दूसरे cluster के ऑब्जेक्ट्स से भिन्न होते है।
हमारी सामान्य जिंदगी के प्रत्येक aspect में भी clustering का role होता है। उदाहरण के लिए किसी restaurant में अलग-अलग प्रकार का food होता है और vehicle showroom में cars, bikes तथा अन्य vehicles होती है।
एक cluster में जितने भी ऑब्जेक्ट्स होते है उन्हें एक समूह के रूप में treat किया जाता है।
Types of Clustering in hindi
:-Clustering निम्नलिखित प्रकार की होती है:-
1:-K-means Clustering:-K-means clustering को Portioning clustering भी कहते है।
माना कि हमारे पास ‘n’ ऑब्जेक्ट्स का डेटाबेस है और हम डेटा के ‘k’ portion कर देते है। प्रत्येक portion एक cluster की प्रदर्शित करती है,
और [ K<_N]
K<_N हमें यह प्रदर्शित करता है कि प्रत्येक ऑब्जेक्ट्स एक cluster से सम्बंधित होता है। तथा ये यह भी दर्शाता है कि प्रत्येक Cluster कम से कम एक ऑब्जेक्ट्स को contain किये रहता है।
2:-Hierarchical Clustering:- Hierarchical Clustering दो प्रकार की होती है:-
(a):-Bottom-Up
(b):-Top-Down
Bottom-Up में प्रत्येक ऑब्जेक्ट्स अलग-अलग समूह में होता है और फिर अगले step में एक ऑब्जेक्ट्स दूसरे ऑब्जेक्ट्स के साथ एक समूह में सम्मिलित होता है और ऐसा तब तक चलते रहता है जब तक कि सभी ऑब्जेक्ट्स एक समूह(cluster) में नही आ जाते है।
Bottom-Up को Agglomerative clustering भी कहते है।
Top-Down में सभी ऑब्जेक्ट्स एक ही समूह(cluster) में होते है और ये अगले step में अलग-अलग होते रहते है और ऐसा तब तक होता है जब तक कि सभी ऑब्जेक्ट्स अलग-अलग नही हो जाते है।
इसको Divisive Clustering भी कहते है।
Summary (सारांश)
Cluster analysis या clustering एक महत्वपूर्ण data analysis tool है जिसमें समान गुणों वाले objects को एक समूह (cluster) में रखा जाता है और अलग गुणों वाले objects को दूसरे cluster में। इस article में आपको clustering की पूरी जानकारी मिलेगी, जिसमें इसके मुख्य प्रकार जैसे K-means clustering को विस्तार से समझाया गया है। यहाँ यह भी बताया गया है कि कैसे हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में, जैसे restaurant में अलग-अलग food items या showroom में vehicles को अलग clusters में बांटा जाता है। इस article को पढ़कर छात्र निम्नलिखित सीखेंगे:
- Clustering का basic concept और इसका उपयोग क्यों जरूरी है।
- डेटा को clusters में divide करने का तरीका।
- K-means clustering (Portioning clustering) का परिचय और यह कैसे काम करता है।
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Cluster computing
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