Parser (Parsing) in Hindi – पार्सर क्या है?

Hello दोस्तों! आज मैं आपको इस post में What is Parser in Hindi (compiler design में पार्सर क्या है तथा इसके types क्या है?) के बारे में बताऊंगा, तो चलिए शुरू करते हैं:-

Parser in Hindi – पार्सर क्या है?

Parser एक कम्पाइलर है जिसका प्रयोग lexical analysis phase से आने वाले data को छोटे elements में तोड़ने के लिए किया जाता है.

एक पार्सर जो है वह tokens के क्रम के रूप में input को लेता है और parse tree के रूप में output प्रदान करता है.

Types of Parsing in Hindi – पार्सिंग के प्रकार

यह दो प्रकार का होता है जो कि निन्लिखित हैं:-

  1. Top Down Parsing
  2. Bottom Up Parsing

Top Down Parsing

  • top down पार्सिंग को recursive parsing या predictive parsing भी कहते हैं.
  • यह एक ऐसी parsing होती है जिसमें दिए गये input string के लिए non-terminal को expand करके parse को जनरेट किया जाता है. अर्थात यह start symbol से शुरू होता है और terminals पर खत्म होता है.
  • यह left most derivation का प्रयोग करता है.

top down parser के भी दो प्रकार होते है:- recursive descent parsing और non-recursive descent parsing.

Recursive descent parsing:- इसे brute-force parsing या backtracking parsing भी कहते हैं. यह सामन्यतया brute-force या backtracking का प्रयोग करके parse tree को जनरेट करती है.

Non-recursive descent parsing:-  इसे LL(1) parsing या predictive पार्सिंग भी कहते हैं. यह parsing table का प्रयोग parse tree को जनरेट करने के लिए किया जाता है.

Bottom Up Parsing

  • इस पार्सिंग को shift-reduce parsing भी कहते है.
  • यह एक ऐसी parsing होती है जिसमें दिए गये input string के लिए non-terminal को compress करके parse को जनरेट किया जाता है अर्थात् यह non-terminals से शुरू होती है और start symbol पर खत्म होती है.
  • यह right most derivation का प्रयोग करती है.

इसके भी दो प्रकार होते हैं:- LR Parsing और Operator Precedence Parsing.

LR parsing :- यह unambiguous grammar का प्रयोग करके दिए गये string के लिए parse tree को जनरेट करता है. LR parser के 4 प्रकार होते हैं जो कि निम्नलिखित है:-

(a). LR(0)
(b). SLR(1)
(c). LALR(1)
(d). CLR(1)

lr parser in hindi
इमेज सोर्स

Operator Precedence Parsing:- यह पार्सर operator grammar को interpret करता है. इसका प्रयोग केवल operator grammars के लिए किया जाता है.

Summary (सारांश)

कंप्यूटर साइंस में Parser कंपाइलर डिज़ाइन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, जो Lexical Analysis से मिलने वाले टोकन्स को समझकर एक व्यवस्थित Parse Tree तैयार करता है। इस लेख में छात्रों को पार्सिंग की पूरी प्रक्रिया और इसके मुख्य प्रकारों को बहुत ही आसान भाषा में समझाया गया है। इस लेख को पढ़ने के बाद आप इन खास विषयों को सीखेंगे:

  • कंपाइलर डिज़ाइन में Parser की असली कार्यप्रणाली क्या है।
  • Top-Down Parsing और इसके प्रकार जैसे Recursive Descent और Non-Recursive Descent (LL(1)) की जानकारी।
  • Bottom-Up Parsing जिसे Shift-Reduce Parsing भी कहा जाता है, उसकी पूरी प्रक्रिया।
  • Left Most और Right Most Derivation का बेसिक कॉन्सेप्ट।
यदि आप बीसीए, एमसीए या बीटेक (कंप्यूटर साइंस) के छात्र हैं, तो यह लेख आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए बेहद उपयोगी है। इसमें परीक्षा में बार-एबार पूछे जाने वाले Compilers से जुड़े सवालों के सटीक और सरल जवाब दिए गए हैं, जिससे आप कम समय में इस टॉपिक को आसानी से तैयार कर सकते हैं।

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