OLE in hindi:
OLE का पूरा नाम object linking & embedding (ऑब्जेक्ट लिंकिंग & एम्बेडिंग) है। यह एक माइक्रोसॉफ्ट कंपाउंड डॉक्यूमेंट तकनीक है जो कि कॉम्पोनेन्ट ऑब्जेक्ट मॉडल (COM) पर आधारित है।
सरल शब्दों में कहें तो, “OLE एक माइक्रोसॉफ्ट की एक तकनीक है जिसके द्वारा हम डायनामिक तरीके से files तथा applications को एक साथ लिंक कर सकते है।”
OLE को माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 3.1 के साथ प्रस्तावित किया गया था।
OLE के द्वारा सभी विंडोज ऍप्लिकेशन्स compound डाक्यूमेंट्स बना सकते है। compound document जो है वह text तथा visual objects को contain किये रहता है जैसे:- animation, sound, video, graphics, sreadsheet आदि।
प्रत्येक ऑब्जेक्ट एक independent program entity होता है जो कि यूजर के साथ interact करता है तथा यह डेस्कटॉप के अन्य objects के साथ भी कम्यूनिकेट करता है।
सामान्यतया object डेस्कटॉप में एक icon के रूप में दिखाई देते है। जब हम ऑब्जेक्ट पर double क्लिक करते है तो उस ऑब्जेक्ट से सम्बंधित application खुल जाती है या फिर उस ऑब्जेक्ट को edit करने के लिए एप्लीकेशन choose करने के लिए कहता है।
उदाहरण के लिए:- 1:- हमारे पास excel की spreadsheet है और हम उसे word एप्लीकेशन में खोलते है। जब वर्ड में स्प्रेडशीट खुल जाती है तो स्प्रेडशीट का यूजर इंटरफ़ेस लोड होता है। और word डॉक्यूमेंट के अंदर हम स्प्रेडशीट के external data को manipulate कर सकते है।
2:- हम किसी image/picture को photo editing प्रोग्राम जैसे:- photoshop में ओपन करके उसे word, excel या किसी अन्य application में move कर सकते है।
OLE के द्वारा सपोर्ट किये जाने वाले applications निम्नलिखित है:-
1:- माइक्रोसॉफ्ट applications जैसे:- एक्सेल, वर्ड, पॉवरपॉइंट।
2:- corel WordPerfect
3:- ऑटोकैड
4:- मल्टीमीडिया एप्लीकेशन जैसे:- ऑडियो, वीडियो, photos आदि।
5:- Adobe Acrobat.
OLE को बाद में बहुत बड़े स्टैण्डर्ड में विकसित किया गया जिसे COM (components object model) कहते है। COM को Mac, unix तथा windows systems के द्वारा सपोर्ट किया जाता है। परंतु इसे मुख्यतया माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में प्रयोग किया जाता है। COM जो है वह ActiveX की foundation है जिसके द्वारा डेवलपर, वेब के लिए interactive content बनाते है।
Disadvantage of OLE in hindi:-
OLE के द्वारा होने वाले disadvantage निम्नलिखित है:-
1– embedded objects के द्वारा होस्ट डॉक्यूमेंट फाइल के साइज को बढ़ा देता है जिससे स्टोरेज और लोडिंग की परेशानी होती है।
2- linked objects ब्रेक हो सकते है अगर linked objects को ऐसी लोकेशन में रख दिया जाता है जहाँ orginal डॉक्यूमेंट एप्लीकेशन नहीं होती है।
3- अगर linked और embedded ऑब्जेक्ट एप्लीकेशन उपलब्ध नही होती है तो ऑब्जेक्ट को edit तथा manipulate नहीं कर सकते है।
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Summary (सारांश)
OLE (Object Linking and Embedding) माइक्रोसॉफ्ट की एक बेहद उपयोगी तकनीक है, जिसकी मदद से अलग-अलग applications और files को आपस में आसानी से जोड़ा जा सकता है। यह तकनीक कॉम्पोनेन्ट ऑब्जेक्ट मॉडल (COM) पर आधारित है और इसकी मदद से यूज़र्स अपने documents में text के साथ-साथ multimedia और graphics जैसी चीज़ें भी जोड़ सकते हैं। इस comprehensive article में आपको OLE से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां बहुत ही आसान भाषा में सीखने को मिलेंगी। छात्र इस article को पढ़कर निम्नलिखित मुख्य बातें सीखेंगे:
- OLE तकनीक का पूरा नाम और इसका मुख्य उद्देश्य क्या है।
- यह तकनीक कैसे काम करती है और इसके वास्तविक जीवन में क्या उदाहरण हैं।
- माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और अन्य software में यह किस प्रकार उपयोगी है।
- Compound documents का निर्माण कैसे किया जाता है।
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